यहां दिखते हैं ज़िंदगी के असली रंग

ज़िंदगी के असली रंग घुमक्कड़ी की उन पगडंडियों पर दिखते हैं जहां हम भटक रहे होते हैं ...

नर्मदा परिक्रमा: ”यहां हमें भगवान की तरह ट्रीट किया गया”

मुझे लगा था कि सांप वाली कहानी आज के लिए पर्याप्त होगी. लेकिन कुछ और कहानियां अभी बाकी थीं.

नर्मदा परिक्रमा: एक मज़ाकिया, दिलचस्प और प्यारे संन्यासी का साथ

हर कोई हैरान है कि इतनी कम उम्र में हम ऐसे सफ़र कर रहे हैं वो भी एक विदेशी लड़की के साथ…

नर्मदा परिक्रमा: एक आश्रम से दूसरे आश्रम की उम्मीद में…

सबकुछ जल्दी से पा लेने की होड़ में हमें जबरन भगाया जाता है. लेकिन….

नर्मदा परिक्रमा: जुनून और रोमांच से भरा सफ़र ‘प्रोजेक्ट गो नेटिव’ के साथ

”सभी के पास आंखें हैं लेकिन कुछ की अपग्रेडेड हैं. उनकी आंखों में स्कैनर लगे हैं और जैसे ही कोई महिला देखते हैं वो इसे एक्टिवेट कर लेते हैं.”

तवा डैम रिजॉट: प्रकृति का खूबसूरत फ्रेम

ये रास्ता उतना आसान नहीं था जितना गूगल मैप में दिख रहा था, लेकिन घुमक्कड़ी का जुनून कुछ भी करवा सकता है.

कम खर्चे में घूम सकते हैं ये 5 हिल स्टेशन

कितनी भी सर्दी हो, बर्फ से ढके पहाड़ और सर्द हवाओं के साथ झरझराती बर्फ पहले प्यार को जी भर से गले लगाने जैसा सुख देते हैं.

मध्य प्रदेश की वो ‘खास’ जगह जिसके बारे में लोग बहुत कम जानते हैं

वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल इन गुफाओं को खोजे जाने की कहानी बड़ी रोचक है. यहां की हवा में एक अलग सुकून है.

सोलो ट्रैवेलिंग पर जाना है तो ऐसे बनाएं प्लान…

ग्रुप्स में घूमने का यह नुकसान भी होता है कि आपको सब के हिसाब से चलना पड़ता है लेकिन सोलो ट्रैवेलिंग आपको इंडिपेंडेंट बनाती है.

मांडू: घूमने के शौकीनों के लिए यहां दिखेगी खास ‘लव स्टोरी’

यह खड़ी ढाल के रूप में घुमावदार मार्ग पर बनाया गया है, जहाँ पहुँचने पर हाथियों की गति धीमी हो जाती थी. 

सांची के बौद्ध स्तूप देखना चाहते हैं तो यहां जानें सब कुछ

वैसे तो सांची साल में कभी भी आया जा सकता है, लेकिन अक्टूबर से अप्रैल के बीच का समय अच्छा होता है.

पुणे डायरी: जब कैब ड्राइवर ने ट्रिप को बना दिया यादगार

इस खूबसूरत सिटी के लोकल टूरिस्ट स्पॉट मैं पहले ही घूम चुका था. अब इस बार मौका था पुणे के आसपास की जगहों को खोजना, जहां अभी तक लोगों की नज़र ना पड़ी हो.